Log in to Faxo
All your favorite apps in oneInvest in Faxo
Continue with Google
Continue with Facebook
Continue with Apple
Use phone, email, or Bluesky
👨👦 !! "ईश्वर पिता है और धरती पर हमारे पिता ही ईश्वर का स्वरूप हैं " - कल्पकथा परिवार 👨👦
🪔"!! पिता के प्रति सम्मान के साथ अहमदाबाद विमान दुर्घटना में प्राण गंवाने वाले दिवंगतों को किया गया काव्य नमन !!" 🪔
देशप्रेम, हिन्दी भाषा, सद साहित्य एवं सनातन संस्कृति हेतु कृत संकल्पित कल्पकथा साहित्य संस्था की संवाद प्रभारी श्रीमती ज्योति राघव सिंह ने बताया कि २०१वीं ऑनलाइन काव्यगोष्ठी में पिता के प्रति सम्मान और अहमदाबाद विमान दुर्घटना में प्राण गंवाने वाले दिवंगतों को श्रद्धांजलि की काव्य रचनाएँ प्रस्तुत की गई।
सिवान बिहार के किंतु नोएडा उत्तर प्रदेश से जुड़े विद्वान साहित्यकार श्री बिनोद कुमार पाण्डेय जी की अध्यक्षता, भोरे गोपालगंज बिहार के भावकवि श्री दुर्गादत्त मिश्र "बाबा" जी के मुख्यातिथ्य में आशुकवि श्री भास्कर सिंह "माणिक" जी व पवनेश मिश्रा के संचालन के कार्यक्रम का शुभारंभ नागपुर महाराष्ट्र से जुड़े वरिष्ठ साहित्यकार श्री विजय रघुनाथराव डांगे जी द्वारा गुरु वंदना, गणेश वंदना एवं सरस्वती वंदना के संगीतबद्ध गायन के साथ हुआ।
दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, से जुड़े सृजनकारों की सहभागिता वाले आयोजन में नाक़ुड सहारनपुर उप्र के विद्वान साहित्यकार श्री सुनील कुमार खुराना जी के साझा काव्य संग्रह "प्रेमलता" का ई विमोचन किया गया। उन्होंने बताया कि उनका साझा काव्य संग्रह "प्रेमलता" श्रृंगार प्रेम काव्य संग्रह प्रेमलता कुमारी जी के संपादन में महाराष्ट्र से प्रकाशित हुआ।
कार्यक्रम में सहभागी रचनाकार
01) श्री विजय रघुनाथराव डांगे जी, नागपुर (महाराष्ट्र)
02) श्री बिनोद कुमार पाण्डेय जी, सीवान (बिहार)
03) श्री सुनील कुमार खुराना जी, नकुड, सहारनपुर (उप्र)
04) श्रीमती शालिनी बसेड़िया जी, प्रयागराज (उप्र)
05) श्री अवधेश प्रसाद मिश्र "मधुप" जी, फुलेश आजमगढ़, (उप्र)
06) श्री दुर्गादत्त मिश्र "बाबा" जी, भोरे गोपालगंज (बिहार)
07) श्रीमती ज्योति प्यासी जी, जबलपुर (मप्र)
08) श्री भास्कर सिंह "माणिक" जी, कोंच जालौन (उप्र)
09) डॉ. जया शर्मा "प्रियंवदा" जी, सूरदास सीही, फरीदाबाद (हरियाणा)
10) श्रीमती मेघा अग्रवाल जी, नागपुर (महाराष्ट्र)
11) कु. मिहु अग्रवाल जी, नागपुर (महाराष्ट्र)
12) श्री नंदकिशोर बहुखंडी जी, देहरादून (उत्तराखण्ड)
13) श्रीमती पुष्पा देवी पाण्डेय जी, रामपुर टोला, भगवानपुर हाट, सीवान (बिहार)
14) श्रीमती शोभा प्रसाद जी, गुरुग्राम (हरियाणा)
15) श्रीमती ज्योति राघव सिंह जी, चोगलमसर लेह (लद्दाख)
16) श्री भगवानदास शर्मा प्रशांत जी, इटावा (उप्र)
17) श्रीमती ज्योति देशमुख जी, बड़ोदरा (गुजरात)
18) दीदी श्रीमती राधा श्री शर्मा जी,
19) पवनेश मिश्रा
अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री बिनोद कुमार पाण्डेय जी ने "ईश्वर पिता हैं और धरती पर हमारे पिता ही ईश्वर का साक्षात स्वरूप हैं।" के विचार के साथ मुक्तकण्ठ से आयोजन की प्रशंसा करते हुए सभी रचनाकारों को बधाई एवं मंगलकामनाएं दी। अंत में कल्पकथा संस्थापिका दीदी श्रीमती राधा श्री शर्मा ने "सर्वे भवन्तु सुखिन:" शान्ति पाठ के साथ सभी का आभार व्यक्त किया।