एक बुज़ुर्ग दंपत्ति से किसी ने पूछा —
“आज के बच्चे जल्दी रिश्ते क्यों तोड़ देते हैं?”
बुज़ुर्ग बोले — “क्योंकि उन्हें सब कुछ ‘इंस्टेंट’ चाहिए —
कॉफ़ी भी, प्यार भी।”
“हमारे ज़माने में चीज़ें टूटीं तो हम उन्हें जोड़ते थे,
आज के लोग नई चीज़ ले लेते हैं।”
रिश्ता तभी टिकता है जब
‘मैं’ और ‘तू’ के बीच ‘हम’ आ जाए।
प्यार सिर्फ अच्छा समय नहीं होता,
प्यार वो है जब बुरा वक्त भी साथ गुज़र जाए।
रिश्ते निभाने का रहस्य है — समझना, जीतना नहीं।