एक लड़की अपने दादा से बोली —
“आजकल रिश्ते जल्दी टूट जाते हैं।”
दादा मुस्कुराए —
“क्योंकि लोग अब दिल नहीं, मोबाइल जोड़ते हैं।”
“हमारे जमाने में संदेश नहीं, एहसास भेजे जाते थे।”
सच्चे रिश्ते समय मांगते हैं, सुविधा नहीं।
अगर हर छोटी बात पर हम रिश्ता छोड़ दें,
तो प्यार कभी गहराई नहीं पा सकता।
रिश्ते पेड़ जैसे हैं —
जितना सींचोगे, उतना फल मिलेगा।
आज अगर किसी को समय दो,
तो कल वही तुम्हारा सहारा बनेगा।