“क्रोध”
तेज़ हवा की तरह है…
कुछ देर बाद ठंडा हो जाता है,
लेकिन तब तक कई शाखाएँ और पत्ते
टूट चुके होते हैं,
जिन्हें दोबारा जोड़ा नहीं जा सकता…
🙏
शब्द कम रखें, क्रोध नहीं।
आपकी क्या राय है? 💭
कमेंट में जरूर बताएं 👇
“क्रोध”
तेज़ हवा की तरह है…
कुछ देर बाद ठंडा हो जाता है,
लेकिन तब तक कई शाखाएँ और पत्ते
टूट चुके होते हैं,
जिन्हें दोबारा जोड़ा नहीं जा सकता…
🙏
शब्द कम रखें, क्रोध नहीं।
आपकी क्या राय है? 💭
कमेंट में जरूर बताएं 👇