यह सीख आपकी सोच उसी पल बदल देगा
एक आदमी हर सुबह सूरज को देखता और कहता — “आज कुछ अच्छा होगा।”
एक दिन बारिश थी, सूरज नहीं निकला।
वो बोला — “लगता है आज दिन खराब जाएगा।”
बगल में बैठे बूढ़े ने कहा — “सूरज आज भी है, बस बादलों के पीछे।”
“वैसे ही उम्मीद भी है, बस नज़र से ओझल मत होने दो।”
जीवन में हर अंधेरे दिन के पीछे भी रौशनी होती है।
जो धैर्य रखता है, वही मंज़िल तक पहुँचता है।
कभी-कभी रुकना भी आगे बढ़ने की शुरुआत होती है।
और याद रखो —
किस्मत भी उन्हीं का साथ देती है,
जो हार मानने से पहले आख़िरी कदम उठाते हैं।
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