भारतीय संस्कृति की आत्मा है—विनम्रता और जुड़ाव
भारत में हर सुबह “सुप्रभात” कहने की जगह “नमस्ते” कहा जाता है।
क्योंकि यह सिर्फ अभिवादन नहीं, आत्माओं का मिलन है।
हम सिर झुकाकर सम्मान करते हैं —
क्योंकि विनम्रता भारतीय संस्कृति की आत्मा है।
यहाँ त्योहार सिर्फ खुशियाँ नहीं, सीखें लेकर आते हैं।
दीवाली सिखाती है — खुद को उजाला बनाओ।
होली कहती है — रंगों से पहले मन को साफ करो।
रक्षाबंधन सिखाता है — सुरक्षा सिर्फ ताकत से नहीं, प्रेम से होती है।
भारत में “धन” सिर्फ पैसा नहीं, संस्कार भी होता है।
यही संस्कृति हमें जोड़ती है, बाँटती नहीं।
और यही भारत की सबसे बड़ी विरासत है।

  Akhilesh Singh


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